:: पद्मश्री गोपाल दास नीरज ::


 नाम है गोपालदास नीरज सी है सुवास

वाणी में मिठास वीणा की ही झंकार है

कारवाँ के नायक हैं गीत के ही गायक हैं

राष्ट्र उन्नायक मधुर गीतकार हैं

स्वप्न झरे फूल से ही मीत चुभे शूल से ही

फिर भी जहान में है बिखेरते बहार हैं

रस भरे बोल घोलते मीठे घोल

शब्द-शब्द अनमोल ऐसे शब्द-चित्रकार हैं

 
 
 
   
 
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
 
     
     
     
 
     
 

 

 
 

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