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मैं कहती दिल की
धड़कन
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कुछ
कहते हैं प्यार तपन है कुछ कहते हैं प्यार सपन
कुछ
कहते हैं अपनापन हैं कुछ कहते हैं पागलपन
कुछ
कहते हैं प्यार अगन है कुछ कहते हैं प्यार लगन
कुछ
कहते हैं प्यार जगन है कुछ कहते हैं प्यार गगन
कुछ
कहते हैं प्यार मिलन है कुछ कहते हैं प्यार घुलन
कुछ
कहते हैं प्यार जलन है कुछ कहते हैं प्यार छलन
कुछ
कहते दीवानापन हैं कुछ कहते मन की तड़पन
कुछ
कहते हैं घुटन प्यार है मैं कहती दिल की धड़कन
धड़क
–
धड़क कहता है ये दिल
तुम
बस मेरे ही रहना
मेरे
अन्दर प्रेम समन्दर
लहर
के संग –
संग ही बहना ॥
प्यार है साधन प्यार साधना
प्यार साध है प्यार सुधा ।
प्यार को ही आधार मानकर
अडिग
खड़ी है ये वसुधा ॥
मुंह
खोलें तो प्यार से खोलें
कानों में मिश्री घोलें ।
दिल
के सारे राज़ ज़ुवां से
कहें न, आँखों से बोले ॥
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