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एक
दिन हम दर्द से कराह रहे थे
डाक्टर के पास जा रहे थे
तब
ही कविता के कीटाणु घूमने लगे
हम
काव्य-रस में भीषण दर्द में भी झूमने लगे
डाक्टर ने हमें हड्डियों की गम्भीर बीमारी बतायी
लगभग
तीन माह दवाइयाँ खाने की लम्बी लिस्ट थमायी
लिस्ट लेकर हम मेडिकल स्टोर पहुँचे
दवाइयोँ का बिल देख चौंके
हमने
कहा यहाँ कुछ फ्री नहीं
मसलन
पांच सौ की ख़रीद पर कोई स्कीम
कैमिस्ट बोला क्या आपने खा रखी है अफ़ीम
अरे
! दवाइयोँ के साथ क्या दवाइयाँ फ्री मिल सकती हैं
ग़लत
दवाई खाने से आप पूरी की पूरी हिल सकती हैं
हमने
कहा हम तो तुम्हारे व्यवसाय के विस्तार की बात बता रहे हैं
तुम
दिल की दवा के साथ जिगर की दवा मुफ़्त में बाटों,
जिगर
के साथ तिल्ली की
कुछ
तो विशेषता दिखे अपनी दिल्ली की |