:: शीशम की लकड़ी का शीश ::


 

 

हमारे एक मित्र

घर बनवाने की

चिंता से ग्रस्त थे

दरवाज़ों के लिये

शीशम की

लकड़ी के अभाव

से त्रस्त थे

हमने कहा लकड़ी

के लिए परेशान हो ?

अरे ! परेशानी के लिए

तो एक लड़की

ही काफ़ी है

क्या शीशम की लकड़ी

के दरवाज़े तुम्हारी

बेटी के जीवन

की सुरक्षा की गारन्टी देंगे ?

इसलिए घर की चिन्ता छोड़ो

दहेज के लिए ही

सम्पत्ति जोड़ो

शीशम की लकड़ी

के दरवाज़े चढ़वाओगे

तो बेटी के ब्याह में

क्या शीश चढ़ाओगे ?

माना किसी तरह

तुम्हारा शीश

बच भी गया

तो बेटी का चढ़ जाएगा,

 

तुम्हारे इस घर

का कोना-कोना

बेटी की मौत की

धुन ही बजाएगा

इसलिए तम्बू तानो

अपने सम्पूर्ण

जीवन की पूँजी

दहेज ही-जानो

तुम हो साधारण-से क्लर्क

घर का ख़र्चा

देगा गहरा जर्क

अरे ! हम-तुम जैसे

यदि घर बनाएँगे

तो वर के स्थान पर

क्या घर को बिठाएँगे ?

वैसे आजकल के

वर से बेहतर होगा ये घर

क्योंकि इसकी खुली

छत के नीचे

खुले आँगन में

तुम्हारी बेटी

चैन की साँस

तो ले सकेगी

अन्यथा उसके

जीवन की शेष साँस

उसकी सास ले लेगी

 

 
 
 
     
   
 
     

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