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इट हैपन्स ओनली इन
इन्डिया
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जहाँ
अख़बारों की सुर्ख़ ख़बर से उड़ जाती है निंदिया
इट
हैपन्स ओनली इन इन्डिया
जहाँ
बड़े-बड़े बस्तों ने है बच्चों का बचपन छीना
जहाँ
बस दो बच्चों की शिक्षा में मुश्किल हो गया जीना
जहाँ
ऊँची डिग्री भी रद्दी के भाव बिक रही भैया
इट
हैपन्स ओनली इन इन्डिया
जहाँ
तंग ग़रीबी से आकर ख़ुदकुशी लोग कर जाते
जहाँ
शोषण-उत्पीड़न से कितने जीते जी मर जाते
जहाँ
वादों और इरादों में ही डूबी देश की नैया
इट
हैपन्स ओनली इन इन्डिया
जहाँ
देव दासियाँ देह-समर्पण से जीवित मर जाएँ
जहाँ
वृन्दावन की कुंज गलिन में बिलख रहीं विधवाएँ
जहाँ
भूखे पेट भजन कर करके जपतीं कृष्ण कन्हैया
इट
हैपन्स ओनली इन इन्डिया
जहाँ
जन्म से पहले ही कितनी मारी जाती कन्याएँ
जहाँ
दहेज की बलिवेदी पर चढ़ती जाती अबलाएँ
जहाँ
माथे पर लगने से पहले छुट जाती है बिंदिया
इट
हैपन्स ओनली इन इन्डिया
जब
स्वार्थ की ख़ातिर हम सब एक दूजे को नहीं छलेंगे
फिर-फिर भारत में जन्म मिले यह चाह करेगी दुनिया
इट
विल हैपन ओनली इन इन्डिया
इट
विल हैपन ओनली इन इन्डिया
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